Troopel.com #VichitraKintuSatya सीरीज : इन कहानियों को पढ़ आपको भूतों पर यकीन हो जाएगा

चमत्कार, जादू या भूत ऐसे शब्द है, जिन पर हम विज्ञान के दौर में भरोसा नहीं कर सकते है. अगर हमारी आखों के सामने भी ऐसा ही कुछ हो तो हम उसके पीछे के साइंस को समझने में लग जाते है. या यह कह देते है कि इसकी जाँच होनी चाहिए… तभी हम किसी निष्कर्ष पर पहुंच कर भरोसा कर सकते है. लेकिन दुनिया में कुछ ऐसी कहानियां भी है, जिसके आगे साइंस भी हार मान चुका है.

  • योनागुनी खंडहर
    1986 में गोताखोरों को जापान में योनागुनी के द्वीप के पास चट्टानों का सीढ़ीनुमा ढांचा मिला. ये जलमग्न संरचना बड़े-बड़े समूहों में हैं और इनकी ऊंचाई 5 मंज़िल तक है. वहां पर पायी गयी कलाकृतियां उन स्थानों पर इंसानों के अस्तित्व को साबित करती है. अगर हम मानते हैं कि ये संरचनाएं मानव निर्मित हैं, तो ये प्रागैतिहासिक सभ्यताओं से संबंधित हैं.
  • Andrew Carlssin
    यह आदमी अपने आप को 2256 से आया हुआ बताता था, 2003 में FBI ने स्टॉक एक्सचेंज घोटाले के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया, स्टॉक मार्केट में 126 बहुत जोखिम भरे डील करके उसने $350 मिलियन कमाई की, हालांकि उसने उसके लिए सिर्फ़ $800 का निवेश किया था. पकडे जाने पर उसने पुलिस को बताया कि उसे यह जानकारी भविष्य से मिली है. उसके लिए किसी ने $1 मिलियन का बॉन्ड भरा और एंड्रयू कार्लसन हमेशा के लिए गायब हो गया.
  • डांसिंग प्लेग
    ऐसी बीमारी जिसमे लोगों ने नाचना तो शुरू किया लेकिन रुके तब, जब उनकी मौत हो गई. बात है जुलाई 1518, स्ट्रॉसबर्ग, फ्रांस की जब मिसेज Troffea ने नाचना शुरु किया और फिर रुकी ही नहीं. एक सप्ताह बाद, 34 और लोगों ने उसके साथ डांस करना शुरु कर दिया. एक महीने के बाद नाचने वालों की सैकड़ों तक पहुंच गई. वो बिना रुके नाचते रहे. नतीजा यह हुआ कि 400 लोग थकावट, दिल के दौरे या स्ट्रोक से मर गए. इस घटना का साइंस के पास भी कोई जवाब नहीं है.
  • बिमिनी रोड
    1930 के दशक के दौरान अमेरिकी मनोवैज्ञानिक Edgar Cayce ने एक दावा किया था, जिसके मुताबिक 1968 या 1969 में खोये हुए शहर ‘अटलांटिस’ के खंडहर बिमिनी में मिलेंगे.
    1968 सितंबर में उत्तरी बिमिनी में पैराडाइज पॉइंट के पास, समुद्र में 700 मीटर लम्बे, बड़े करीने से रखे गए चूना-पत्थर के ब्लॉक मिले थे. उन्हीं ब्लॉक्स की श्रृंखला को अब ‘बिमिनी रोड’ कहा जाता है. वहीं कुछ लोगों का मानना है कि ये प्रसिद्ध सभ्यता ‘अटलांटिस’ के अवशेष हैं, तो कुछ का मानना है कि यह Seabed Deepening का परिणाम है.

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